Monday, 6 February 2023

स्वयं पर विश्वास और स्पष्ट लक्ष्य ही सफलता की कुंजी - डॉ. एस. मंगल












 

मैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार वेलफेयर सोसायटी, जयपुर द्वारा संचालित स्वर्णकार शिक्षा सदन छात्रावास में समाज के विद्यार्थी उत्तम आवास व्यवस्थाओं का लाभ ले रहे हैं। विद्यार्थियों को उनके शिक्षण के संबंध में शैक्षिक परामर्श एवं निर्देशन प्रदान कराने के उद्देश्य से समय-समय पर समाज के प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों द्वारा मागदर्शन प्रदान किया जा रहा है। इसी क्रम में दिनांक 5 फरवरी को विद्यार्थियों के मागदर्शन हेतु मुख्य वार्ताकार के रूप में शिक्षाविद् डॉ. एस. मंगल स्वर्णकार शिक्षा सदन पधारे। आपके साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री अनुराग सहदेव उपस्थित थे। 

वार्ता अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर प्रारम्भ की गई। संस्था महामंत्री उमेश कुमार सोनी द्वारा अतिथियों के परिचय के अन्तर्गत बताया गया कि डॉ. एस. मंगल को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में शिक्षण का तीन दशक से अधिक का अनुभव है। आपका शैक्षिक अनुसंधान के क्षेत्र में वृहद् अनुभव एवं योगदान है। विभिन्न विषयों की 30 से अधिक पुस्तकों के लेखक, रिसर्च गाइड, भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की अनेकानेक शोध परियोजनाओं के सम्पादक, एनसीईआरटी द्वारा शैक्षिक नवाचारों के क्षेत्र में आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिताओं में अनेक बार प्रथम पुरस्कार विजेता, शैक्षिक अनुसंधान एवं गणित विषय के विशेषज्ञ, बोधायन संस्थान के सचिव एवं अन्य अनेक शैक्षिक संस्थाओं के सदस्य/मागदर्शक के रूप में शिक्षा के क्षेत्र में अपना विशिष्ट योगदान दे रहे हैं। श्री अनुराग सहदेव के परिचय में बताया गया कि आप कवि, लेखक, गीतकार, मोटिवेशनल स्पीकर, फोटोग्राफर, फिल्म एवं टेलीविजन कलाकार, सामाजिक कार्यकर्ता हैं। 

डॉ. सतीश मंगल द्वारा वार्ता अन्तर्गत विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के सोपान बताए गए। आप द्वारा मनोविज्ञान, आध्यात्म, विज्ञान, तनाव प्रबध्ांन, समय प्रबंधन, साक्षात्कार कौशल एवं अन्य आयामों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रतियोगी परीक्षा में सफलता हेतु सर्वप्रथम विद्यार्थी का लक्ष्य स्पष्ट होना चाहिए। सर्वाधिक महत्वपूर्ण विद्यार्थी में अपने प्रयासों एवं सफलता के प्रति पूर्ण आत्मविश्वास का होना अत्यन्त आवश्यक है। आप द्वारा सफलता के लिए महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए उन्हें अपनी दिनचर्या में अपनाए जाने पर बल दिया। विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों एवं जिज्ञासाओं का आप द्वारा समाधान किया गया और भविष्य में भी मार्गदर्शन हेतु आश्वस्त किया गया। श्री अनुराग सहदेव द्वारा शिक्षण के दौरान विद्यार्थियों के अपने लक्ष्य से भटकाव के संबंध में अपने विचार व्यक्त किए। साथ ही विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से उन्हें लक्ष्य की ओर सतत रूप से आगे बढ़ने की प्रेरणा प्रदान की। 

विद्यार्थियों द्वारा भी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा गया कि आज तक पुस्तकों में डॉ. एस. मंगल का नाम देखा और आपकी पुस्तकों पढ़ा करते थे। आज आपसे प्रत्यक्ष मार्गदर्शन प्राप्त कर अत्यन्त संतुष्टि एवं प्रेरणा प्राप्त हुई है। 

संस्था कार्यकारिणी सदस्य श्री राजकुमार बामलवा द्वारा धन्यवाद ज्ञापित करते हुए डॉ. एस. मंगल से भविष्य में भी सतत् मार्गदर्शन प्रदान करने का आग्रह किया और श्री अनुराग सहदेव तथा अन्य उपस्थित समाजबंधुओं का विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करने के लिए आभार व्यक्त किया। 

वार्ता में विद्यार्थियों के अतिरिक्त संस्था सदस्य एवं समाजबंधुओं में मुख्य रूप से श्री कमलेश सहदेव, श्री राजकुमार बामलवा, श्री सुरेन्द्र सरूण्डिया, श्रीमती अनिता सोनी, श्रीमती अल्का सोनी आदि उपस्थित रहे।

1 comment:

  1. बहुत ही शानदार, जानदार ओर यादगार प्रोजेक्ट, सभी दानदाताओं एवम व्यवस्थापकों का दिल से आभार।।

    ReplyDelete

विनम्र अनुरोध